About the Book

पुष्पांजलि, प्रकृति की सुंदरता पर आधारित एक पुस्तक है।

इसमें आपको प्रकृति के विभिन्न सुन्दर रूपों की एक काल्पनिक रचना मिलेगी, जो आपको मंत्रमुग्ध कर देगी।

कवि की कल्पनाओं में, सृष्टि का एक अलग ही रूप होता है, जो सच्चाई से परे होता भी है और नहीं भी। ऐसा ही कुछ शची मिश्रा ने अपनी भावनाओं के द्वारा दर्शाने की कोशिश की है।

उनकी कविताओं में कलम बोलती है। उनके ख्यालों में शाम गुनगुनाती है, निशा यामिनी भ्रमण करती है, चंपा का फूल उनकी याद में उनसे मिलने उनके घर आता है। बारिश को उन्होंने बहुत क्रूर दर्शाया है, क्योंकि बारिश अपने साथ कहर लेकर आती है। ऐसे ही एक कविता में सूरज ठंडा हो जाता है, जब वह झील में नहाता है। और भी इसी तरह की बहुत सी रोचक कवितायें आपको उनकी इस पुस्तक में पढ़ने को मिलेंगी, जो प्रकृति के प्रति उनके प्रेम को दर्शाती हैं।

पुस्तक में उनकी कुछ कवितायें ज़िन्दगी की सच्चाई से और कुछ कोविड १९ से प्रभावित भी हैं। जहाँ उन्होंने पृथ्वी की पीड़ा को दर्शाया है। किस तरह सम्पूर्ण मानवजाति ने अपने पर्यावरण को हानि पहुँचायी है, और कमज़ोर प्राणियों पर अत्याचार किये हैं। जिसका कर्ज़ आज पूरी सृष्टि चुका रही है।


Pushpanjali is a book based on the beauty of Mother Nature. In this book, you will find various creative and imaginary forms of nature’s beauty, which should charm the readers. The author’s imagination of nature consists of both reality and imagination. Shachi has attempted to portray these mixed emotions through her expressions. In her poetry, the pen is talking. In her imagination, the evening has melodious tunes. The night wanders. The champa flowers gets attracted and comes to visit the author at her home. Rain is portrayed with anger due to the damage it causes sometimes. In one of the poems, the sun gets cold when it dips into the lake. You will get to read exciting poems in this book, which shows the author’s love for mother nature.

Few of the poems are inspired and depict life’s realities including the recent COVID-19 pandemic. Where she has highlighted the pain of mother Earth. How mankind has caused harm to the environment and exploited the weaker sections of society. The effects of which are felt by the entire universe.

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